चल अकेले,बन तू अपना हमसफ़र.

कौन देगा तेरा साथ ?

सबकी अलगअलग हैं राहें;

तू ही गिरेगा पथ पर,

तू ही थमेगा अपनी बाहें .

अंधेरों से वो डरें,

जिनको है प्रकाश की तलाश ,

तुझसे प्रज्वलित है चाँदसितारे ,

जिनसे रोशन है आकाश.

तू ही है रागिनी, तू ही सहर

चल अकेले , बन तू अपना हमसफ़र .

 

तेरे साहस का गीत , पवन गुनगुनायेगी;

तेरे क़दमों की गूंज से , धरा कांप जाएगी,

तेरे परिश्रम को देख कर ,

आसमाँ भी झुक देगा सर ,

चल अकेले , बन तू अपना हमसफ़र.

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चल अकेले,बन तू अपना हमसफ़र.

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